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युजवेंद्र चहल बने ‘मैन ऑफ द मैच’, कप्तान को नजरअंदाज कर इन्हें दिया अच्छे प्रदर्शन का श्रेय

विशाखापत्तनम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जा चुका है। जहां भारत के लिए करो या मरो वही स्थिति थी।

क्योंकि सीरीज के शुरुवाती दोनो मुकाबले भारत पहले ही हार चुकी है, और अगर भारत को इस सीरीज में बने रहना है, तो किसी भी हाल में ये मुकाबला अपने नाम करना था।

और इसी स्थिति में भारत ने जोरदार प्रदर्शन किया और सीरीज में तीसरा मुकाबला 48 रनो से अपने नाम कर लिया। इसी जीत के साथ बतौर वनडे कप्तानी ऋषभ की पहली जीत उन्हे हासिल हुई।

तीसरा और निर्णायक मुकाबला कहे जाने वाले इस मुकाबले को 48 रनो से भारत ने अपने नाम कर लिया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट की बात करे, तो भारत को लगातार 7 हारो के बाद पहली जीत नसीब हुई है।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए विशाखापट्टनम के मैदान पर हुए तीसरे टी-20 मैच में भारत ने लगाकर तीसरी बार सीरीज में टॉस हराकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 179 रन बनाए।

भारत की ओर से ऋतुराज गायकवाड़ ने टी 20 इंटरनेशनल करियर का अपना सबसे पहला अर्धशतक ठोका, जहाँ उन्होंने 57 रनों की पारी खेली।

दूसरी ओर लक्ष्य को हासिल करने उतरी साउथ अफ्रीका टीम 19.1 ओवर में ही 131 रनो पर पवेलियन पहुंच गई।

इस मुकाबले में चहल ने दमदार गेंदबाजी की और पिछले दोनो मैच में हुई अपनी गलतियों को सुधार कर इस मुकाबले में न सिर्फ 3 विकेट चटकाए बल्कि मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड भी जीता।

आईपीएल 2022 के पर्पल कैप हासिल करने वाले चहल ने इस मुकाबले के जरिए अपने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए।

जहां तीसरे और निर्णायक मुकाबले में चहल ने खतरनाक गेंदबाजी दिखाई और सभी फॉर्म के बल्लेबाज़ों को एक एक करके पवेलियन भेजते गए। और विकेट हासिल कर भारतीय टीम को जीत के करीब लेते गए।

चहल के गेंदबाजी की बात करे, तो उन्होंने 5 की इकोनॉमी से बेहद महत्वपूर्ण और किफायती गेंदबाजी की, उन्होंने 4 ओवरों में मात्र 20 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।

साउथ अफ्रीका के खतरनाक खिलाड़ी रासी वेन डर डूसेन को भी मात्र 1 रनो पर चहल ने ही पवेलियन पहुंचाया।

बता दे, की डूसेन को चहल ने मात्र 1 रन पर ऋषभ के हाथो कैच आउट कराया और पवेलियन भेजा। वही एक समय पर भारत पर हावी लग रहे ड्वेन प्रिटोरियस को भी 20 रनो पर चहल ने स्टंप के पीछे से कैच आउट करवाया और मैदान से बाहर किया।

साउथ अफ्रीका की पारी के 9वे ओवर में चहल ने गेंद को ऑफ स्टंप के बाहर डाली। और ड्वेन प्रिटोरियस गेंद को लेट कट करने के चक्कर में अपने बल्ले का बाहरी किनारा दे बैठे जिसे पंत ने बड़ी ही खूबसूरती से कैच कर लिया।

वही पिछले मुकाबले के हीरो कहे जाने वाले हेनरिक क्लासेन का विकेट भी चहल ने अपने नाम किया। जहां 15वे ओवर की आखरी गेंद पर मिड विकेट के क्षेत्र में 29 रनो पर अक्षर पटेल के हाथो कैच आउट करवाया।

दोस्तो सबसे अच्छी बात ये है, की चहल ने इस मुकाबले में अपने स्पेल के 4 ओवरों में सिर्फ 20 रन दिए और 3 महत्वपूर्ण विकेट भी अपने नाम किए। मैच के बाद जब चहल से कुछ सवाल किए गए तब चहल ने जवाब देते हुए कहा।

चहल ने कहा, की मैने पिछले मैचों में अधिकतर गेंद स्लाइडर फेकी, और गेंद को भी तेज गति में फेका। जो की मेरी गलती थी, बल्लेबाज मुझे समझ चुके थे।

लेकिन आज के मुकाबले में मैने बदलाव किया, और अलग अलग लेंथ में गेंदब्जी की, और मैने अपनी सीम पोजिशन में भी बदलाव किया।

आगे चहल ने कहा, की आज मैने अपने ताकत के अनुरूप गेंदबाजी की। जहां स्पिन और गेंद को घुमाना मेरी ताकत है। लेकिन आज मैने गेंद को स्पिन और धीमी गेंद फेकी। मैने गेंद को अपने ताकत के अनुसार फेका, और मेरा सारा ध्यान एयर इसी पर केंद्रित था।

टी20 मुकाबले में जब बल्लेबाज गेंद को रिवर्स स्वीप और स्लॉग स्वीप पर खेलते है, तो गेंदबाजों के लिए बेहद मुश्किल होती है। लेकिन अगर मेरे पास दूसरी योजना है, तो मैं उसी के मुताबिक क्षेत्र निर्धारित करता हूं। मैने अपने पिछले मैचों में गेंदबाजी कुछ खास नहीं की थी।

पिछले मैच के बाद मैने गेंदबाजी के लिए कोच पारस से बातचीत और उनसे सलाह ली। और इसलिए मैने इस मुकाबले में अपनी ताकत के अनुरूप गेंदबाजी की, जिसका फायदा ये हुआ की गेंद सही जगह जाने के साथ साथ विकेट टेकिंग भी बनी।