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कोच कुमार संगकारा का खुलासा- इस गेंदबाज की माँ बहुत बीमार हैं, फिर भी RR को जिताने में लगा दी जान !

शुक्रवार 27 मई को आरआर और आरसीबी के बीच क्वालीफायर 2 का मुकाबला खेला गया, जहां आरआर ने आरसीबी को हराकर 7 विकेटों से जीत हासिल की। आरआर ने इस खतरनाक जीत के साथ लगभग 14 सालो बाद आईपीएल के क्वालीफायर में प्रवेश किया है।

आरआर की इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका उनके गेंदबाज और ओपनर जॉस बटलर ने निभाई। इसी जीत के साथ टीम के कोच कुमार संगकारा ने अपनी टीम से जुड़े कुछ अनजाने रहस्यो के बारे में भी बात की जो किसी को नही पता।

मैच के बाद आरआर के कोच कुमार संगकारा ने बताया, की आज का प्रदर्शन काफी बढ़िया रहा। टीम की योजनाएं और मेहनत काम आई। गुजरात के बाद मिली हार के बाद ये सब वापिस ला पाना मुश्किल था, लेकिन हमने कर दिखाया। जॉस की तारीफ करते हुए कुमार संगकारा ने कहा, की वे अपनी ताकत दिखाते है।

जिसमे सबसे महत्वपूर्ण बात ये है, की वे कभी भी किसी भी समय अपने बल्लेबाजी तेज कर देते है। और सबसे बड़ी बात की वे एक अनोखे व्यक्ति है, जो अपने खेल और खुद के बारे में कभी भी किसी भी पहलू में गहराई से सोचते है।

संगकारा ने कहा, पूरी गेंदबाजी इकाई लाजवाब थी। प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी की। वह पिछले मैच में 16 और मिलर के तीन छक्कों का बचाव नहीं कर सका। यह आत्मविश्वास में सेंध लगा सकता था, लेकिन वह ईमानदार था। वह नेट्स में बहुत अच्छा था।

फिर ट्रेंट बोल्ट और ओबेड मैक्कॉय ने भी शानदार प्रदर्शन किया। संगकारा ने कहा, मैक्कॉय की मां वेस्ट इंडीज में काफी बीमार हो गई हैं, लेकिन उसने इसे खेल से अलग रखा। उन्होंने आगे कहा, मैक्कॉय को इन सब से जूझना पड़ा, फिर भी वह आज रात असाधारण और फोकस्ड थे।

आर अश्विन और चहल ने भी कमाल की गेंदबाजी का नजारा पेश किया। मेगा ऑक्शन के दौरान हमने अपनी पहली प्लेइंग इलेवन के लिए 90.95% रकम खर्च दी थी। इसके अलावा हमने अपने खिलाडियों पर काम करने के डेटा पर सही मेहनत की है। फिलहाल हम सभी अनुभव पर जोर दे रहे है।

फिलहाल हमारे पास बहुत से ऐसे खिलाड़ी है, जो आगे जाकर क्रिकेट जगत के स्टार खिलाड़ी बनेंगे। लेकिन इसके अलावा हमारी पहली प्लेइंग इलेवन में इंटरनेशनल खिलाड़ियों की शानदार हिस्सेदारी है।

हमारे विश्लेषक जाइल्स लिंडसे, जुबिन बरूचा और बाकी कर्मचारियों का बहुत सहयोग रहा है। मैदान में खेलने बस से जीत हासिल नहीं होती। हमे मैदान में जाकर प्लानिंग, कड़ी मेहनत और क्रियान्वन की बहुत जरूरत होती है।