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कुमार संगकारा ने बटलर और सैमसन को इग्नोर कर, इन्हें दिया राजस्थान के फाइनल में पहुंचने का श्रेय !

आईपीएल का दूसरा क्वालीफायर मुकाबला 27 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। ये मुकाबला आरआर और आरसीबी के बीच खेला गया। जहां आरआर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। आरसीबी टीम बल्लेबाजी करने मैदान में उपस्थित हुई। जहां बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 20 ओवरों में 8 विकेट गवाकर 157 रन बनाए।

जिसके जवाब में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आई आरआर की टीम ने 18.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस लक्ष्य को हासिल करने में आरआर के 3 विकेट हो गए थे और इस तरह टीम ने 7 विकेट से जीत अपने नाम की। इस जीत के बाद आरआर टीम के मेंटर और श्रीलंका के पूर्व दिग्गज कप्तान कुमार संगकारा ने मैच में बारे में विस्तार से बातचीत की।

आरसीबी के खिलाफ मिली इस जीत से आरआरके फैंस बेहद खुश है। इस बारे में पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान श्रीलंका के दिग्गज कप्तान और आरआर के मेंटर कुमार संगकारा ने बातचीत करते हुए कहा। की टीम ने काफी संतोषजनक प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों द्वारा की गई मेहनत और प्रैक्टिस ने अपना रंग दिखाया।

गुजरात के खिलाफ हुए आखरी मैच में जीतना आसान नहीं था, क्योंकि उस समय हमारे पास आखरी ओवर में 16 रन बचाने थे। जॉस बटलर ने इस खेल में वाकई बहुत शानदार प्रदर्शन किया, उन्हे अपनी काबिलियत पर पूरा भरोसा है। वो स्पिन को काफी बेहतरीन तरीके से खेलते है।

अपना दिन न होने पर वो ज़्यादा गैर जिम्मेदाराना शॉट्स नहीं खेलते। वो किसी भी वक़्त अपनी बल्लेबाज़ी का गियर बदल सकते हैं और उनके पास वास्तव में एक बेहतरीन टैलेंट है। पूरी गेंदबाज़ी यूनिट हमारी काफ़ी शानदार है। प्रसिद्ध को खास तौर पर क्रेडिट जाता है। जिस ईमानदार बर्ताव से उन्होंने परफ़ॉर्म किया वो वाक़ई में काबिलेतारीफ़ है, वो एक स्पेशल टैलेंट हैं।

आगे कुमार संगकारा ने टीम गेंदबाजों की तारीफ करते हुए और अपने अनुभव को शेयर करते हुए कहा,

की बोल्ट की बात करें तो वो हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश में रहते हैं। मैकॉय की माताजी वेस्टइंडीज़ में अपनी तबीयत में रिकवर कर रही हैं वहीं मैकॉय की दृढ़ता की हमें तारीफ़ करनी होगी। स्पिन जोड़ी ने भी बाकमाल प्रदर्शन किया। हम ऑक्शन के दौरान अपना 95 फ़ीसद पर्स इस्तेमाल करना चाहते थे। हमने अपने नए निवेशकों के साथ लगभग 8 महीने काम किया।

हमने कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों को महत्व देने से परहेज़ किया। हमारा जो भी न्यूकिलियस है, वो इंटरनेशनल खिलाड़ियों से भरपूर है। मुझे आज भी याद है, जब मैं आरआर के खिलाफ ही खेल रहा था तब शेन वॉर्न कप्तान थे। और मैं उनकी ही गेंद पर उन्हे ही कैच थमा बैठा। और उसके बाद उन्होंने जिस तरह से दौड़ लगाई वो तो सभी को याद ही होगी।

हम फाइनल में गुजरात के खिलाफ अपने बेसिक्स पर ध्यान देना जरूरी समझेंगे। क्योंकि फाइनल में जो टीम अपने नर्वस को कंट्रोल कर अच्छा प्रदर्शन जीतेगी वही टीम फाइनल में जीत हासिल करेगी।