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फाइनल में हार से बौखलाए अश्विन ने अपनों पर ही साधा निशाना, कर दी ऐसी घटिया बात !

राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा का कहना है, की अश्विन एक बहुत ही अच्छे खिलाड़ी है। लेकिन फिलहाल उन्हें क्रिकेट में सुधार लाने के लिए पारंपरिक ऑफ ब्रेक गेंद का ज्यादा उपयोग करना चाहिए।

भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट 442 लेने में दूसरे स्थान पर अश्विन अपनी गेंदबाजी में बहुत प्रयोग करते है। कई बार वे पारंपरिक ऑफ ब्रेक गेंद से ज्यादा कैरम बॉल फेकते है।

कुमार संगकारा आईपीएल फाइनल में गुजरात टाइटंस से 7 विकेट से हारने के बाद कहा, की अश्विन ने हमारे लिए बहुत शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया, की क्रिकेट के मैदान में उनका प्रदर्शन और उनकी उपलब्धियां उन्हे लीजेंड बनाती है।

लेकिन इसके बाद भी उन्हें थोड़ी सुधार के बारे में सोचना चाहिए। खास तौर पर उन्हे ऑफ स्पिन के बारे में थोड़ा ज्यादा सोचना चाहिए। अश्विन ने आईपीएल 2022 में 17 मैचों एम मात्र 12 विकेट ही हासिल किए है।

फाइनल मुकाबले की बात करे, तो अश्विन ने यहां भी ऑफ ब्रेक गेंद से ज्यादा कैरम गेंदों का ज्यादा इस्तेमाल किया था। 3 ओवर में उन्होंने 32 रन खर्च दिए लेकिन विकेट एक भी हासिल नहीं कर पाए। राजस्थान टीम 9 विकेट पर मात्र 130 रनो तक ही पहुंच पाई थी।

कुमार संगकारा का मानना है, की वे काफी नहीं थे। उन्होंने बताया, की 130 रन कभी काफी नहीं होते। और हम ये बात भी कर रहे थे, की पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जाए। फिर जब हम मैदान में पहुंचे तो हमे दिखा की पिच बिलकुल सुखी जिससे गेंदबाजों को अधिक टर्न मिलेगा, इसलिए हमने 160.165 रनो की उम्मीद की थी।

कुमार संगकारा ने बताया, की हमने 10 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 70 रन हासिल किए थे। लेकिन जैसे ही संजू सैमसन आउट हुए टीम के ऊपर गुजरात गेंदबाजों ने दवाब पैदा कर दिया।

हमने पावर प्ले में उनके कुछ विकेट हासिल किए लेकिन शुभमन गिल को जीवनदान देना महंगा पड़ गया। इस सीजन अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी कुमार संगकारा का कहना है, की टीम को अभी बहुत सी जगह में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, की हमे कई क्षेत्रों में सुधार करना पड़ेगा।

बल्लेबाजी की बात करे, तो जॉस बटलर, संजू और सिमरन हेतमायर ने अधिक रन बनाए। वही रियान पराग और देवदत्त भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन देना चाहिए था जो उन्होंने नही दिया।

राजस्थान की टीम इस मुकाबले में पूरी तरह से बल्लेबाजी के जॉस बटलर और गेंदबाजी के लिए चहल के ऊपर निर्भर थी। लेकिन इस मुकाबले में दोनो कुछ खास प्रदर्शन नहीं दिखा पाए जिसके चलते टीम को इसका नुकसान हुआ। और राजस्थान दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर मात्र एक कदम से ट्रॉफी से दूर रह गई।