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BCCI किस तरीके से टीम सेलेक्ट करता हैं? इस बार भी हमें T20 वर्ल्ड कप हारना पड़ेगा !

अक्टूबर नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम को जोरो शोरो से तैयारी करनी होगी। लेकिन अगर शेड्यूल देखा जाए, तो भारत को अभी 10 टी20 मैच खेलने है। हां अगर जुलाई थर्ड वीक के बाद भारत के सामने कोई और मैच न जाए। तो अभी सिर्फ 10 मैच ही सामने दिखाई पड़ रहे है।

इन 10 मैचों की शुरुआत आईपीएल 2022 के खत्म होने के तुरंत ही होनी है। इसलिए अब इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान भी कर दिया गया है। और अब आपको बताते है, की ऐसा क्यों लग रहा है, की टीम सिलेक्शन हमे वर्ल्ड कप की रेस से बाहर न कर दे।

टीम में फिनिशर खिलाड़ी

बता दे, की इस सीरीज के लिए टीम में केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, ऋतुराज गायकवाड, हार्दिक पांड्या, दीपक हुड्डा, ऋषभ पंत, वेंकटेश अय्यर और दिनेश कार्तिक जैसे होनहार खिलाड़ी है, जिसमे से दीपक हुड्डा को छोड़ बाकी सब टॉप 4 के लिए खेलते है।

वेंकटेश अय्यर को केकेआर ने मिडिल ऑर्डर के लिए चुना था। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश के लिए भी मिडिल ऑर्डर में ही खेलते है। लेकिन पिछले साल उनके जिस प्रदर्शन के दम पर उन्हे भारतीय टीम में शामिल किया गया था, वो बतौर ओपनर हुआ था।

वही इस दौर में गुजरात टाइटंस के लिए हार्दिक भी नंबर 4 पर ही बल्लेबाजी करत नजर आए थे। ऐसे में सवाल ये है, की मेकफिश्ट ओपनर्स और मेकफिश्ट विकेटकीपर के बाद हम मेकफिष्ट फिनिशर के साथ क्यों जा रहे है। अगर हम हार्दिक को बतौर फिनिशर देख रहे है, तो उन्हे गुजरात के लिए भी मुंबई वाला ओपन रोल क्यों नही दिया गया।

और अगर हार्दिक हमारे फिनिशर नही है, तो हम टॉप 4 में किस किस खिलाड़ी को एडजस्ट करेगे, क्योंकि दिनेश कार्तिक को भी तो किसी का साथ चाहिए होगा। इसके बाद दीपक हुड्डा के अलावा बाकी बचे सभी खिलाड़ी या तो ओपनर की भूमिका निभाते है, या फिर नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आते है।

ऑलराउंडर खिलाड़ी कौन है?

ऑन पेपर के लिए इस टीम के पास बतौर ऑलराउंडर दीपक हुड्डा, हार्दिक पांड्या, वेंकटेश अय्यर और अक्षर पटेल मौजूद है। लेकिन अगर हम ध्यान से देखे तो दीपक और वेंकटेश गेंदबाजी कभी कभार ही करते है। वही अक्षर की गेंदबाजी और बल्लेबाजी में जमीन आसमान का अंतर है। और रही बात हार्दिक की तो इस सीजन हार्दिक ने ज्यादातर समय में नई गेंद के साथ ही गेंदबाजी की है।

लेकिन सवाल ये भी है, की भुवनेश्वर, आवेश, उमरान और अर्शदीप के रहते इन्हे गेंदबाजी करने का मौका कब मिलेगा। फिर हार्दिक वैसे भी फिलहाल फिटनेस की समस्या से जूझ ही रहे है। क्योंकि पिछले लंबे समय से उन्हे चोट लगी है।

ऐसे में हार्दिक कभी कभी गेंदबाजी कर लेते है, और कभी कभी नही। ऐसे में वर्ल्ड कप के हिसाब से हम किस ऑलराउंडर के साथ आगे बढ़ेंगे, अनफिट खिलाड़ी जो बोलिंग नही करते या फिर उनके साथ जिनकी बल्लेबाजी में समस्या है।

स्ट्राइकर्स कहा है?

स्ट्राइकर फुटबॉल और हॉकी जैसे खेलो में होते है। लेकिन क्रिकेट में भी स्ट्राइकर बहुत महत्पूर्ण होते है। बिना स्ट्राइकर के क्रिकेट खेल में काम।ही नही चलता। लेकिन इस टीम में देखे तो स्ट्राइकर का तो कही नाम ही नही है। ऋषभ पंत लगभग 152, केएल राहुल 135, श्रेयस अय्यर 134, दीपक हूडा 133, हार्दिक पंड्या 131, रुतुराज गायकवाड़ 126, ईशान किशन 120, वेंकटेश 107 ये हाईएस्ट स्कोर नहीं, हमारे तथाकथित टॉप ऑर्डर का स्ट्राइक रेट है।

यानी ये 100 गेंदें खेलकर इतने रन बनाते हैं। और क्रिकेट के इस छोटे से फॉर्मेट में यह स्टाइल हमारे पुरखों के जमाने में शायद चल जाती, अब नहीं ।

दोस्तो आज कल की दुनिया तेजी से रन बनाकर आगे बढ़ रही है। लेकिन हमारे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज पहले खेल में खुद को फिट करते है, और बाद में रन बनाते है। शुरुवात के 15 गेंदों में मानो उनके बल्ले से रन ही बाहर नहीं आते और बाद में 40 गेंदों में 50.60 रन बनाते है।

ऐसे लोग हमे क्रिकेट के इस फॉर्मेट की टीम के लिए मात्र 1.2 लोग चाहिए। लेकिन हम इन्ही लोगो के ऊपर यकीन रखकर टीम बना लेते है। हर टीम में मुश्किल से एक एंकर होता है, लेकिन हमारी टीम में हर एक खिलाड़ी एंकर है।

और यही कारण है, की हमारे यहां लियाम लिविंगस्टोन, जॉनी बेयरस्टो, और ग्लेन मैक्सवेल जैसे हिटर्स नही है। क्योंकि दमदार तरीके से बल्लेबाजी करेगे, तो राहुल त्रिपाठी और संजू सैमसन की तरह टीम से बाहर रहेंगे।

लेकिन अगर धीरे धीरे से खेलेंगे, तो भारतीय टीम के लिए बड़े बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। लेकिन दावे के साथ ये बात निश्चित है, की अगर ऐसा ही चलता रहा, तो इस बार भी वर्ल्ड कप हमारे हाथ से निकल जायेगा।