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इन 3 खिलाड़ियों को IPL 2022 में मिलना चाहिए था एक मौका, लेकिन बदकिस्मती से बेंच पर बैठे रह गए !

आईपीएल 2022 का लीग संस्करण का समापन हो चुका है। इस लीग में कुल 70 मुकाबले खेले जा चुके है। जिसमे 4 टीमों ने प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया है। वही 6 टीमों का सफर इस टूर्नामेंट से समाप्त हो चुका है।

बाहर होने वाली टीमों में से 3 टीमों में ऐसे खिलाड़ी है, जिन्हे इस आईपीएल में खेलने का मौका मिलना चाहिए था। भले ही अब ये टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई हो, लेकिन इन 3 युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं मिला।

दरअसल दोस्तो यहां बात हो रही है, अर्जुन तेंदुलकर, यश धुल और राजवर्धन हंगरेगकर के बारे में। इन खिलाड़ियों में से अर्जुन तेंदुलकर को मुंबई इंडियंस में शामिल किया था। वही यश धुल दिल्ली कैपिटल के खिलाड़ी थे।

और राजवर्धन सीएसके टीम में शामिल हुए थे। आईपीएल के ये 3 ऐसे खिलाड़ी रहे है, जिन्हे एक भी मैच खेलने का मौका नही दिया गया। लीग के सारे मुकाबले खेले जा चुके है। और सभी टीमों के 14 14 मैच भी खत्म हो गए है, लेकिन इन 3 खिलाड़ियों को एक भी मैच नहीं दिया गया।

दोस्तो यहां सबसे पहले बात करेगे, क्रिकेट के भगवान भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के बारे में जिन्हे मुंबई इंडियंस ने खरीदा तो था लेकिन उन्हे मैदान में आने का मौका नहीं दिया। मुंबई ने अर्जुन को उनके बेस प्राइज 20 लाख रुपए में खरीदा था।

देखा जाए तो मुंबई इंडियंस के सभी खिलाड़ी ऑलराउंडर गेंदबाज मैदान में काफी संघर्ष करते दिखे लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हे एक भी बार मैच खिलाने का अवसर नही दिया। हालाकि अर्जुन नेट्स में काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे उनकी वीडियो मुंबई इंडियंस में खुद शेयर भी की है।

दूसरे नंबर के खिलाड़ी यश धुल का नाम शामिल है। जिन्होंने अंडर 19 के वर्ल्ड कप में देश को खिताब जिताया था। अंडर 19 वर्ल्ड कप के बाद यश धुल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना हुनर अजमाया, और सफल भी हुए।

इतना होने के बाद भी दिल्ली कैपिटल की तरफ से उन्हे एक भी मौका नही दिया गया। हालाकि इस दौरान दिल्ली के कई ऐसे बल्लेबाज रहे जो बल्लेबाजी में काफी मुश्किल परिस्थितियों में थे, इसके बावजूद उन्हे एक भी मैच नहीं दिए गए।

इसके बाद नाम आता है, राजवर्धन हंगरेगकर का, आईपीएल 2022 के पहले ऐसा माना जा रहा था, की दीपक चाहर की अनुपस्थिति में सीएसके टीम राजवर्धन को मौका देगी। शुरुवात में जडेजा कप्तान थे लेकिन एक बार फिर से टीम के कप्तान धोनी बने लेकिन इस दौरान एक भी बार राजवर्धन को टीम में खेलने का मौका नही मिला। हालाकि गेंदबाजी मामले में सीएसके टीम इस बार काफी कमजोर नजर आई।