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10वी फेल हुआ तो बन गया सट्टेबाज, अब IPL में जुआ खेल रातोंरात बना करोड़पति !

आगरा में गिरफ्तार हुआ अंकुश फिलहाल अरबपति है। हाईस्कूल में फेल होकर अंकुश ने सट्टेबाजी करते हुए करीब 100 करोड़ की संपत्ति हासिल कर ली है। इस संपत्ति में कुछ इसके नाम कुछ दोस्त, पत्नी और मां के नाम पर है।

हालाकि पुलिस ने अंकुश की सारी संपत्ति का विवरण निकाल लिया है। पिछले काफी समय से अंकुश सट्टे का सिंडिकेट चला रहा था। और अब पहली बार गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है, की गैंगस्टर एक्ट की धारा 14.1 के तहत उसकी सारी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।

वही बुकी अंकुश मंगल ने पूछताछ के दौरान बताया, की जब वो पढ़ाई करता था, तो 10वी कक्षा में फेल हो गया था।

इसके बाद अपने कस्बा जगनेर से साल 2007 में वह बुकी सुनील झाला के साथ आगरा आ गया। बोडला चौराहे पर एक मकान किराए से लेकर वही रहना शुरू कर दिया। इसके बाद वह दिल्ली से संचालित पर्ची वाला सट्टा लगाकर उसने अपनी पहली शुरुवात की।

क्रिकेट सट्टे के इंटरनेशनल सिंडिकेट में आगरा के अंकुश मंगल का बहुत बड़ा हाथ था। अंकुश ने दुबई की वेबसाइट से कमीशन पर अपने नाम से एक आईडी ले रखी थी।

जिसके जरिए वह दिल्ली, हरियाणा और यूपी के शहरों के गुर्गों को आईडी लॉगिन करके देता था। पुलिस ने शनिवार को जी बुकी अंकुश मंगल को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है। और अब कोर्ट के आदेश पर उसे रविवार को गैंगस्टर एक्ट के चलते जेल भेजा जाएगा।

महिला थाने में अंकुश के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। अन्य थानों में जुआ व सट्टे के मुकदमे हैं। वह वर्ष 2008 में पहली बार जुए में पकड़ा गया। सट्टा शुरू करने के बाद वह कभी जेल नहीं गया। पुलिस उस पर मुकदमे दर्ज करती रही और वह अग्रिम जमानत कराता रहा।

आरोपित ने बताया कि उसने सट्टे से धन कमाकर अपने व परिजनों के नाम से संपत्ति खरीदी।

उसने मुल्ला की प्याऊ के पास एक प्लाट अपने दोस्त राजेश चौहान के नाम पर, एत्मादपुर व कमला नगर के यमुनोत्री विहार कालोनी में अपनी पत्नी के नाम पर खरीदा था। भाई कपिल को किया सेल्टास गाड़ी व 200 वर्ग गज का प्लाट खरीदकर दिया था। अनु एन्क्लेव में मां के नाम व साथी आशीष की मां के नाम से कोठी खरीदी थीं।

अंकुश ने सट्टे का पूरा का दुबई से संचालित वेबसाइट www.diamondexch.com से अपने नाम की सुपर मास्टर आईडी 5 से 10 लाख रुपए में 15% कमीशन पर खरीदता था। और अपने गुर्गों को 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपए में बेचता था। सुपर मैटर आईडी के जरिए वह अपने गुर्गों को उनके नाम ने आईडी लॉगिन करके देता था।

सोमवार को सट्टेबाजी का पूरा हिसाब किया जाता था। और कमाई का पूरा विवरण बैक एंड ले सॉफ्टवेयर में रखा जाता था। इतना ही नहीं बल्कि अंकुश ने पुलिस से बचने के चक्कर में दुबई की सिम से अपना व्हाट्सएप नंबर कनेक्ट किया था। और जब उसे सिंडिकेट के लोगो से बात या दूसरा कोई काम होता था, तो वो इसी व्हाट्सएप नंबर से करता था।